रेलवे और पुलिस विभाग की तर्ज पर शिक्षक आवास गृह निर्माण किए जाएं

जबलपुर दर्पण । मध्य प्रदेष जागरूक अधिकारी कर्मचारी संगठन के जिलाध्यक्ष राॅबर्ट मार्टिन ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि मध्य प्रदेश के सभी जिलों में शिक्षक आवास की व्यवस्था नहीं है, जिससे मजबूरी में शिक्षकों को अपने कर्त्तव्य स्थल से दूर रहना पड़ता है जिसका प्रभाव शाला प्रबंधन आने जाने और शिक्षक के स्वास्थ्य पर भी होता है l आने जाने के हड़बड़ाहट में कई बार शिक्षक दुर्घटना के शिकार भी हो जाते हैंl जिसमे उनकी जान का भी जोखिम होता है l कई शिक्षक इस चक्कर मे दुर्घटना के शिकार हो चुके हैं और उनकी जान जा चुकी है l जिसकी पीड़ा उसका परिवार जीवन भर भोगता है, प्राय यह देखा गया है कि सरकार के आला अफसर सरकारी बंगलों में पूर्ण सुविधाओ के साथ निवासरत है जिसकी मरम्मत और साज सज्जा में लाखों का सरकारी बजट स्वाहा हो जाता है l शिक्षक कर्मचारी का मकान भाड़ा भत्ता भी नहीं के बराबर है जिसमे आजकल बिजली का बिल भी नहीं चुकाया जा सकता है l दशकों से मकान भाड़ा भत्ता एक ही दर पर बना हुआ है जबकि मंहगाई आसमान छू रही है l रेलवे आवास, पुलिस आवास आपको हर जगह मौजूद मिलेंगे इस तर्ज पर शिक्षक आवास गृह भी बनाए जाने चाहिएl इससे शिक्षक कर्मचारी को आने जाने में समय नष्ट नहीं करना पड़ेगा और शालाएं भी समय पर खुलेगीं और समय पर बंद होगी जिसका सीधा असर शिक्षा की गुणवत्ता वृद्धि पर होगा l शिक्षकों का तनाव भी कम देखने मिलेगा जब जब शिक्षक अपनी शाला के नजदीक या परिसर मे रहेगा तब आम जनता से उसके संबध भी मधुर होगे l
माननीय मुख्य मंत्री महोदय जी से अनुरोध है कि शिक्षक आवास गृह निर्माण योजना पर अमल किया जाए l
संघ के जिलाध्यक्ष-राॅबर्ट मार्टिन, हेमन्त ठाकरे, राकेष श्रीवास, दिनेष गौंड़, राजकुमार यादव, सुधीर पावेल, क्रिस्टोफर नरोन्हा, आर.पी.खनाल, एनोस विक्टर, विनोदसिंह, गोपीषाह, सुनील झारिया, उमेष सिंह ठाकुर, रवी जैन, रामकुमार कतिया, गुडविन चाल्र्स, एस.बी.रजक, अफरोज़ खान, सुधीर अवधिया, योगेष ठाकरे, वीरेन्द्र श्रीवास, नीरज मरावी, मुन्नालाल कतिया, अषोक परस्ते, मनोहर विष्वकर्मा, दयाराम बेलवंषी, अनूप डाहट, राजू डहरिया, निलेष खरे, फिलिप अन्थोनी, रामकुमार कतिया, अनूप मरकाम, रऊफ खान, वसुमुद्दीन, राजेष सहारिया, शरीफ अंसारी, आदि ने मुख्यमंत्री महोदय से मांग की है कि पुलिस और रेलवे कर्मचारियों के लिए गृह निवास की तरह शिक्षक कर्मचारियों के लिए भी गृह निवास का निर्माण किया जाएl
सादर प्रकाषनार्थ



