प्रवेश परीक्षा या मेरिट के आधार पर हों सी. ऍम. राइज स्कूलों में एडमिशन

जबलपुर दर्पण। मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार सी.एम. राइज स्कूलों के नज़दीक शासकीय माध्यमिक शालाओं के छात्र-छात्राओं को प्रवेश हेतु भटकना पड़ रहा है।पूर्व पोषक शालाओं के छात्र-छात्राओं को प्रवेश हेतु सी.एम.राइज स्कूल में अब प्रवेश नहीं मिलने से यहाँ -वहाँ भटकना पड़ रहा है जबकि इन पोषक शालाओं का संकुल पूर्व में सी.एम. राइज स्कूल ही था किन्तु जैसे ही सी.एम. राइज स्कूल में परिवर्तित हुआ तो संकुल टूट कर अन्य संकुलों में भिन्न भिन्न स्कूलों को वेतन व्यवस्था हेतु संलग्न कर दिया गया जबकि पूर्व में संकुल (सी.एम. राइज स्कूल) के आसपास के स्कूल के कक्षा 8 वीं परीक्षा उत्तीर्ण कर अपने-अपने संकुल,पोषक शालाओं में प्रवेश लेते थे किन्तु अब छात्र-छात्राओं को प्रवेश हेतु भटकना पड़ रहा है जबकि ऐसे अनेक गरीब छात्र-छात्रायें हैँ जिनकी प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने एवं भारी-भरकम फीस जमा करने की हैसियत ही नहीं है,साथ ही दूर-दूर जाना पड़ेगा।संस्कारधानी जबलपुर के श्रीमान जिला शिक्षा अधिकारी निरंतर प्रयासरत हैँ, कि सी. ऍम. राइज स्कूलों की उत्कृष्टता में कोई कमी ना रह जाये। संसाधनों की कमी ना पड़े।सर्वोत्तम परीक्षा परिणाम आये।संस्कारधानी का नाम रोशन हो।
मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर के अनुसार शासन -प्रशासन ने सी.एम. राइज स्कूल में प्रवेश हेतु केवल लॉटरी सिस्टम रखा है,ना कोई प्रवेश परीक्षा, ना कोई मेघावी विद्यार्थी की जगह।जिन भी छात्र-छात्राओं की लॉटरी में नाम आता है उन्हें प्रवेश दे दिया जाता है चाहे उनके परीक्षा परिणाम 33% हों या 90% हों। जबकि एक्सिलेंस स्कूलों में प्रवेश परीक्षा के साथ प्रवीण सूची (मेरिट लिस्ट )के अनुसार नवप्रवेशी को प्रवेश दिया जाता है।
मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के दिलीप सिंह ठाकुर, जी आर झारिया, अरविन्द विश्वकर्मा, संजय उपाध्याय, शिवेंद्र परिहार, भास्कर गुप्ता, विश्वनाथ सिंह, सतीश खरे, ऋषि पाठक, दुर्गेश खातरकर, धर्मेंद्र परिहार, नितिन तिवारी, बैजनाथ यादव,आकाश भील, आदेश विश्वकर्मा, विशाल सिंह, शैलेश पंड्या, रवि विश्वकर्मा, अफ़रोज़ खान, रवि केवट, महेश मेहरा, सुरेंद्र परसते, भोजराज विश्वकर्मा, अजय लोधी, आशीष यादव, माधव पाण्डेय,आशीष विश्वकर्मा,कमलेश दुबे,दिलीप साहू, विवेक साहू, प्रशांत श्रीवास्तव, आसाराम झारिया, समर सिंह,सुधीर गौर, अजब सिंह, गंगाराम साहू, सुल्तान सिंह, देवराज सिंह, भोगीराम चौकसे, अंजनी उपाध्याय,पवन सोयाम, रामदयाल उइके, रामकिशोर इपाचे, मनोज कोल, चंद्रभान साहू,विष्णु झारिया, इमरत सेन, डेलन सिंह, ब्रजेन्द्र तिवारी, बहादुर पटेल, अजय श्रीपाल,देव सिंह भवेदी, अनुराधा नामदेव, अर्चना भट्ट, रेनू बुनकर, कल्पना ठाकुर, पुष्पा रघुवंशी, चंदा सोनी, दीपिका चौबे, गीता कोल, सरोज कोल, राजेश्वरी दुबे, मनोरमा ठाकुर, संध्या पटेल, अम्बिका हँतिमारे, भागीरथी परसते, ब्रजवती आर्मो, माया सोयाम, सुमिता इंगले, योगिता नंदेश्वर, पूर्णिमा बेन, क्षिप्रा सिंह, सिया पटेल, शबनम खान, शायदा खान इत्यादि ने शासन -प्रशासन एवं सी.एम. राइज स्कूलों से जुड़े वरिष्ठ सक्षम अधिकारियों से मांग की है,कि शाला प्रवेश प्रक्रिया में पूर्व में जुड़ी शासकीय पोषक शालाओं का ध्यान रखा जावे, साथ ही प्रवेश प्रक्रिया में कुछ एक मापदंड रखें जाएं जिसमें होनहार छात्र -छात्राओं को भी मौका मिले साथ ही सी.एम. राइज स्कूलों के सर्वोत्तम परीक्षा परिणाम के साथ प्रदेश गौरवान्वित हो।



