भारतीय संस्कृति में है स्वास्थ्य के साथ प्रकृति और पर्यावरण के संरक्षण का मूल मंत्रः श्री कृष्ण कुमार चौरसिया

जन शिक्षण संस्थान एवं कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास के संयुक्त तत्वाधान में *7 अप्रैल विश्व स्वास्थ्य दिवस कार्यक्रम संपन्न
डिंडोरी राजेश ठाकुर। विश्व स्वास्थ्य संगठन डब्ल्यूएचओ ने “हमारा गृह,हमारा स्वास्थ्य” को इस वर्ष की स्वास्थ्य दिवस की थीम घोषित किया है l हमारी धरा हमारे स्वस्थ को जोड़ती है य़ह सोच कई हजार वर्षों से भारतीय संस्कृति व सनातन जीवन यापन का आधार रही है, हमारे सभी पर व्रत, रीति- रिवाज या तो प्रकृति के विभिन्न तत्वों का उत्सव है या उनके संरक्षण की कला l भारतीय संस्कृति में पर्यावरण चिंतन की अवधारणा उतना ही प्राचीन है जितना मानव का अस्तित्व l हमारे ग्रंथों में स्वास्थ्य और प्रकृति को एक साथ जोड़ कर बताया गया है, यही नहीं आयुर्वेद प्रकृति और पर्यावरण से किस तरह परंपरा से जुड़ा है इसका भी विस्तार से वर्णन है l उक्त विचार जन शिक्षण संस्थान के निदेशक श्री दिवाकर द्विवेदी ने विश्व स्वास्थ्य दिवस पर जन शिक्षण संस्थान परिसर में आयोजित स्वास्थ्य जागरूकता एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में उपस्थित लोगों के बीच स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता एवं स्वच्छता अभियान पर संगोष्ठी में कहीं l जिला चिकित्सालय डिंडोरी के सहयोग एवं मार्गदर्शन में जन शिक्षण संस्थान एवं कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास समूह के संयुक्त तत्वाधान में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन विकासखंड डिंडोरी एवं बजाग मे किया गया l स्वास्थ्य विभाग की ओर से आयुष चिकित्सक डॉ. ऋषिकेश, कुo काजल बुले, डॉ त्रिवेणी धुर्वे, पूजा द्विवेदी, आरती पटेल, डॉ हर्षवर्धन सिंह धुर्वे, रीना वरकडे आयुष चिकित्सकों की टीम के साथ इस शिविर मे आए हुए समस्त लोगों का गहनता पूर्वक स्वास्थ्य परीक्षण किया और उन्हें स्वास्थ्य के टिप्स दिए l संस्थान के कई प्रशिक्षक व लाभार्थियों के साथ उनके पास-पड़ोस के परिजन सम्मिलित हुए शिविर में चिकित्सा विभाग की ओर से उपस्थित द्वारा लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा उन्हें जीवन रक्षक, पोषक दवाओं का वितरण किया गया l नेहरू युवा केंद्र जिला युवा अधिकारी श्री आर. पी. कुशवाहा ने कहा कि हमारे ग्रंथों में स्वास्थ्य और प्रकृति को एक साथ जोड़ कर बताया गया है l कस्तूरबा गांधी छात्रावास बाजार में आयोजित स्वास्थ्य में उपस्थित चिकित्सकों के साथ स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम के दौरान संस्थान के कार्यक्रम अधिकारी श्री अभिषेक अग्रवाल ने जन शिक्षण संस्थान की योजनाओं पर प्रकाश डाला l उपस्थित सभी माननीय उन्हें अपने विचार व्यक्त किए “भारत में पृथ्वी को माता का दर्जा देकर इसके महत्व को स्वीकार किया गया है” यह विचार अधीक्षक कस्तूरबा गांधी छात्रावास की अधीक्षक सुश्री कौशल्या परस्ते ने आयोजित संगोष्ठी में व्यक्त किया l संस्थान के अधिकारी श्री सुनील झारिया ने संचालन के दौरान कहा कि “स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क निवास करता है” आज सबके मन में यह बात घर कर गई है कि स्वास्थ्य ही हमारी असली पूंजी है l श्रीमती रीता मिश्रा ने कहा कि हमें विश्व स्वास्थ्य दिवस के बहाने मानव के स्वास्थ्य के साथ-साथ किसी भी के स्वास्थ्य की बात करना बेहद जरूरी है l करोना काल में ही दुनिया ने देखा कि प्रदूषण से प्रभावित लोगों में संक्रमण की दर बहुत ज्यादा थी उन्होंने इस दिवस के उद्देश्य को लोगों से आत्मसात करने की अपील की l मंत्रालय के निर्देशानुसार यह कार्यक्रम जन शिक्षण संस्थान एवं कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास के संयुक्त तत्वाधान में जिले के समस्त कस्तूरबा छात्रावास में संस्थान के अधिकारियों श्री अरुण कुमार दुबे,श्री अभिषेक चौराहा,श्रीमती मिथिलेश परस्ते श्री लक्ष्मी नारायण बर्मन एवं रिसोर्स पर्सन श्री कृष्ण कुमार गर्ग के सहयोग से किया गया छात्रावास के छात्राओं द्वारा स्वच्छता एवं स्वास्थ्य पर जागरूकता के साथ स्वच्छता शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया l कार्यक्रम का सफल संचालन व निर्देशन श्री सुनील झारिया ने किया l अंत में श्रीमती रीता मिश्रा एवं श्रीमती मिथिलेश परस्ते ने उपस्थित माननीय चिकित्सकों एवं चिकित्सा टीम तथा आगंतुकों का आभार व्यक्त किया l कार्यक्रम में संस्थान के रिसोर्स पर्सन श्रीमती लक्ष्मी टेकाम आरती नामदेव, श्रीमती गंगा मलिक, श्रीमती अंजलि यादव अपने लाभार्थियों के साथ उपस्थित रहीं।



