कलेक्टर के निर्देश पर जप्त रेत को:पाटन प्रशासन के संरक्षण में दिनदहाड़े लोडिंग एवं परिवहन करते रेत माफिया

जबलपुर दर्पण पाटन ब्यूरो। कलेक्टर डॉ इलैया राजा टी के निर्देशों को नही मान रहे पाटन राजस्व विभाग एवं पुलिस विभाग के अधिकारी आपको बताते चले कि कुछ समय पहले जिला कलेक्टर ने पाटन हिरण नदी, पुल के उस पार बसन कोनी में अवैध रूप से रेत माफियाओं पर कार्यवाही करने की सक्त हिदायत दी थी जिसके परिणाम भी सामने आय थे जिसमें पाटन राजस्व विभाग के अधिकारियों ने माइनिंग विभाग पुलिस विभाग की सयुक्त टीम बना कर हिरण नदी के घाटों वाले क्षेत्रों में ताबड़तोड़ कार्यवाही करते हुए लगभग 840 हाईवा रेत जप्त करने में सफलता मिली थी। यह रेत हिरण नदी के अलग अलग घाटो से रेत का उत्खनन करने वाले माफियाओं के द्वारा अलग अलग स्थानों पर रेत का अवैध भण्डारणों पर पिछले महीने पाटन नायाब तहसीलदार सुरभि जैन एवं माइनिंग विभाग के अधिकारी एवं पाटन पुलिस की टीम ने कार्यवाही करते हुए उक्त रेत को जप्त कर ग्राम कोटवार के सुपुर्द की थी। जिसकी जानकारी शासकीय जब्ती अनुसार 1. ग्राम इटवा इमलिया मे शासकीय भूमि खसरा क्र.82 के अंश भाग पर लगभग 150 हाइवा रेत खनिज का भण्डारण पाया गया जिसे मौक़े पर जप्त कर ग्राम कोटवार की सुपुर्दगी मे दिया गया । 2. ग्राम बूढ़ी कोनी की शासकीय भूमि खसरा क्र. 123 के अंश भाग पर लगभग 100 हाइवा का अवैध भण्डारण पाया गया। 3. ग्राम कोनी कलां मे दो अलग-अलग स्थान मे खसरा क्र. 03 एवं खसरा क्र.5/1 पर लगभग 450 हाइवा रेत का भण्डारण जप्त किया गया 4. ग्राम सुरैया मे माताजी के मंदिर के सामने लगभग 20 हाइवा रेत जप्त की गई 5. ग्राम देवरी स्थित धमनी मार्ग पर लगभग 20 हाइवा रेत जप्त की गई उक्त सभी स्थानों पर रेत जप्त कर ग्राम कोटवार की सुपुर्दगी मे दी गई थी। शासन की जप्त रेत को माफियाओं के द्वारा अधिकारियों के संरक्षण में दिन दहाड़े हाईवा में लेबर से लोड करवाकर परिवहन किया जा रहा है। पैसे की चमक के आगे पाटन के जवाज अधिकारियों को कही भी रेत का परिवहन दिखता है न ही जानकारी है। इनका डंडा तो बस गरीबी पे चलता है चाहे राजस्व विभाग हो या पुलिस विभाग हो इनका एक ही लक्ष्य है पैसे दो और जो करना है वह करो आपको किसी से डरने की जरूरत नही है। प्रशासन आपके साथ है। एक गरीब को नामंत्रण कराने उसकी चप्पल खिसवा कर पागल बना देते है हमारे अधिकारी, यदि फाइल पर पैसों की सेवा कर दी जाय तो मानो आपकी फाइल में पंख लग गए हो रात में भी साहब साइन करके आपको सूचना दे देगे आपका काम हो गया है। यही हाल पाटन पुलिस का है सारे अधिकारी दिनभर काली कमाई की तलाश में लगे रहते है। लोगों की 181 की शिकायत को आवेदक का जबरन मोबाइल छुड़ाकर बंद करवा कर उसके साथ गाली गलौज करना आम बात हो गई है। इसका प्रमुख कारण वर्षी से पाटन में जमे ये अधिकारी है। दूसरा कारण सत्ताधारी दल की उदासीनता प्रमुख वजह हैं
किसी के पास समय नहीं है सरकारी कार्यलय में जाकर देखे प्रशासन की कार्यप्रणाली को कैसे विधान सभा क्षेत्र के लोगो से पेश आते है अधिकारी इसलिए पाटन में कितनी भी शिकायत कर दो कुछ कार्यवाही नही होती जिसका फायदा प्रशासन के साथ मिलकर अवैध कामों में लिप्त माफिया उठा रहे है। अधिकारियों के हौसले इतने बुलंद है की चंद रुपयों की लालच में कलेक्टर के निर्देश पर जप्त रेत को दिनदहाड़े परिवहन करवा रहे पाटन के अधिकारी। अब देखना होगा जिला कलेक्टर डॉ इलैया राजा टी के संज्ञान में आने के बाद उक्त मामले में क्या कार्यवाही होती है।
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