साप्ताहिक बाजार से 80 किग्रा मछली जप्त कर, विभाग ने कि खानापूर्ति की कार्रवाई

डिंडौरी, जबलपुर दर्पण ब्यूरो। जिले के विभिन्न जल स्रोतों से मछली पकड़ना इन दिनों प्रतिबंधित किया गया है, बावजूद जिले के विभिन्न जल स्रोतों से मछली पकड़ने की तस्वीर लगातार सामने आ रही है। गौरतलब है कि मामले के बाद मत्स्य विभाग ने शुक्रवार को समनापुर और भानपुर के साप्ताहिक हाट बाजार से 180 किलोग्राम मछली पकड़कर खानापूर्ति की लिए कार्रवाई की गई, बाकी अन्य क्षेत्रों में मछली पकड़ने के अवैध काम लगातार जारी है। बताया गया कि मध्यप्रदेश नदीय मत्स्योद्योग अधिनियम 1972 की धारा 3(2) के अंतर्गत 18 जून से 15 अगस्त तक की अवधि को बंद ऋतु घोषित किया गया है। जिसके अंतर्गत मत्स्योखेट, मत्स्य विक्रय तथा मत्स्य परिवहन आदि गतिविधियां प्रतिबंधित हैं। उक्त आदेश के परिपालन में 19 जून गुरुवार को मत्स्योद्योग विभाग डिंडौरी द्वारा सघन कार्रवाई की गई। प्रभारी सहायक संचालक मत्स्योद्योग आर.के. चंदेल के नेतृत्व में गठित दल जिसमें विशाल शरणागत, मत्स्य निरीक्षक, बी.के. सिरसाम, मत्स्य निरीक्षक तथा चौकीदार दशरथ प्रसाद वरकडे सम्मिलित थे। जानकारी में बताया गया कि भानपुर एवं समनापुर मछली बाजारों में निरीक्षण कर कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान कुल 80 किग्रा मेजर कार्प प्रजातियों की मछली जप्त की गई, जिसकी नीलामी कर 4100/- की राशि शासन के खाते में जमा कराई गई। इसके अतिरिक्त भानपुर मछली बाजार से बंद ऋतु के दौरान प्रतिबंधित थाईलैंड मागुर प्रजाति की लगभग 80 किग्रा मछली जब्त कर नियमानुसार विनष्टीकरण की कार्रवाई भी की गई है। लोगों की मानें तो इसी तरह की कार्रवाई अगर आए दिन कि जाए, अब मत्स्योखेट, मत्स्य विक्रय तथा अवैध मत्स्य परिवहन की गतिविधियां पर अंकुश लगाई जा सकती है।



