मैहर में श्रम विभाग लापता श्रमिक परेशान, श्रम निरीक्षक पर गंभीर सवाल
मैहर जबलपुर दर्पण। श्रम विभाग का अस्तित्व मैहर में है भी या नहीं – यह अब श्रमिकों के लिए पहेली बन चुका है। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि श्रम निरीक्षक “भूमिगत” हो चुके हैं, जिस कारण श्रमिकों की शिकायतें सीधे कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुंच रही हैं, लेकिन उसके बाद भी राहत न के बराबर है। श्रमिक संगठनों का आरोप है कि श्रम निरीक्षक श्रमिकों के हितैषी न होकर ठेकेदारों और पूंजीपतियों से मिलीभगत में मशगूल हैं। इसी कारण शिकायत करने वाले मजदूरों को मदद देने के बजाय उन्हें ही गलत ठहराने की कोशिश की जाती है। सूत्र बताते हैं कि इस रवैये से नाराज श्रमिक संगठन जल्द ही श्रम निरीक्षक के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे। श्रमिकों का कहना है कि अधिकारी सांठगांठ की परंपरा चलाएं या आराम करें, लेकिन मजदूरों को गलत साबित करने का खेल अब बर्दाश्त नहीं होगा।



