महाराष्ट्र बॉर्डर पर चल रही सालों से अवैध वसूली

पांढुर्णा जबलपुर दर्पण । बता दे की लम्बे समय से पांढुर्णा जिले मे मनर्जी लूट का खेल चल रहा है, कुछ ऐसे ही अनोखे काम में से एक यह भी है जहा निरंतर आरटीओ का एक वाहन हमेशा सुर्खियां बटोर रहा है। जिधर देखो यह वाहन कभी नागपुर रोड तो कभी भोपाल रोड़ ओर सबसे खास महाराष्ट्र बॉर्डर वर्धा नदी के पास अपना अड्डा बनाकर बड़े दूर दराज से आने-जाने वाले वाहनो को रोक कर, ना कोई जांच होती है, ना कार्यवाही यहा केवल ओर केवल खाना पूर्ती की जा रही है। ऐसी जन चर्चा जिले में चल रही है, अगर आरटीओ विभाग है तो दूसरे भी कार्य है ना सिर्फ महाराष्ट बॉर्डर पर खड़े रहना ओर खाना पूर्ती करना, बता दे की इस जिले मे कई अधिक एसे यात्री वाहन है जो की हाईवे पर दौड़ रहे है, जिनका फिटनेस भी बराबर नहीं है और ना ही यात्री वाहनों के पास पर्याप्त कागजात तक नही है, लेकिन यात्री बसे खुले-आम जिले मे संचालित हो रही है फिर ये कैसा आरटीओ विभाग है जो सिर्फ माल वाहक बड़े ट्कों को ही रोक कर जांच के नाम पर ओर ही कुछ कर रहा है। पुलिस विभाग भी कही ना कही इनको पूरा संरक्षण दे रहा है, यही कारण है की खुले आम एक बोलेरो में बैठ कर वर्दी पहनकर महाराष्ट बॉर्डर स्थित नीयमो के विरुद्ध इनका कारोबार चल रहा है और कोई भी इन्हें रोकने वाला भी नही है। क्या मध्य प्रदेश शासन के नियमों के तहत यह आरटीओ विभाग अपना कार्य कर रहा है?
लोगों के बताए अनुसार यह आरटीओ पहले छिंदवाड़ा रोड पर ग्राम राजना स्थित संचालित होता था लेकिन करीबन दो वर्ष से अधिक हो चुका है की ग्राम राजना से बोरिया बिस्तर बंद हो चुका है और अब कभी अमरावती रोड तो कभी नागपुर रोड पर इनका वाहन खड़ा रहता है और साथ मे तीन चार लोग रहते है आखिर यह कौनसा आरटीओ विभाग है की पुलिस विभाग भी इनको संरक्षण दे रहा है ?
वर्धा नदी पर सालों से जमे अस्थाई आरटीओ ने आज तक कितने वाहन पुलिस विभाग में लगवाए ओर कितनो का चालान बनाया, यह कभी प्रशासन द्वारा सार्वजनिक नहीं किया गया, आखिर क्या राज है इस आरटीओ का जिसपर कार्यवाही करने से पुलिस कप्तान ओर जिला प्रमुख पीछे हटते नगर आ रहे है।



