टेबलेट खाने से स्कूल की 8 छात्राओं का बिगड़ा स्वास्थ्य

सीधी जबलपुर दर्पण । शासकीय उच्चतर विद्यालय बालिका बघवार में एलबेंडाजोल की टेबलेट खाने के बाद से 8 छात्राओं की तबियत बिगड़ी हुई है। छात्राओं का उपचार सुनिश्चित कराने की जरूरत अभी तक नहीं समझी जा रही है। यह जानकारी सामने आने पर जनपद पंचायत रामपुर नैकिन के सहकारिता सभापति महेन्द्र सिंह भदौरिया ने सरपंच चंद्रकली सिंह के साथ विद्यालय पहुंचकर जानकारी ली। विद्यालय पहुंचने पर प्राचार्य नदारद पाए गए। वहीं प्रभारी प्राचार्य सनद कुमार मिश्रा एवं कमलेश्वर साकेत द्वारा बताया गया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा विगत 28 सितंबर 2025 को एलबेण्डाजोल टेबलेट एवं 29 सितंबर 2025 को टीटी एवं हीमोग्लोबिन की जांच के दौरान 8 लड़कियों का स्वास्थ्य खराब होने की सूचना मिली थी। वहीं बताया गया कि छात्राओं के स्वास्थ्य में गिरावट होने लगी और उनके लक्षण सामान्य प्रदर्शित हो रहे हैं। शरीर में अकडऩ, हांथ-पैर में शिथिलता एवं घबराहट होना पाया गया। इससे माता-पिता भी काफी परेशान हो रहे हैं। जिन छात्राओं के स्वास्थ्य में गिरावट है उनमें प्राची पाण्डेय, शशि सोनी, श्रुति पाण्डेय, अंजली पाण्डेय, मानसी शुक्ला, श्रद्धा त्रिपाठी, शालिनी सेन एवं जया त्रिपाठी शामिल हैं। यह छात्राएं ग्राम चोरगड़ी, नैकिन, बघवार की हैं। प्रभारी प्राचार्य सनद मिश्रा का कहना था कि छात्राओं की तबियत में गिरावट आने की जानकारी तुरंत शिक्षा विभाग को दी जा चुकी है लेकिन उनके द्वारा शायद स्वास्थ्य विभाग को जानकारी नहीं भेजी गई। सभापति महेन्द्र सिंह भदौरिया प्रभावित छात्रा शालिनी सेन के यहां जानकारी लेने के लिए पहुंचे उस दौरान छात्रा की हालत दयनीय मिली। वह किसी को पहचानती नहीं है। तथा मानसिक रूप से विक्षिप्त हो गई है। जनपद सदस्य एवं सरपंच द्वारा स्वास्थ्य विभाग से आग्रह किया गया है कि जल्द ही डॉक्टरों की टीम को यहां भेजा जाए जिससे सभी प्रभावित छात्राओं को स्वास्थ्य लाभ मिल सके और वह अपने पठन-पाठन के कार्य में पूर्व की तरह लग सकें।
इनका कहना है।
स्वास्ध्य विभाग द्वारा शासकीय उच्चतर विद्यालय बालिका बघवार में दवा खिलाने के बाद से 8 छात्राओं का स्वास्थ्य प्रभावित है। स्वास्थ्य विभाग के जल्द डॉक्टरों की टीम भेजकर उपचार सुनिश्चित कराना चाहिए।
महेन्द्र सिंह भदौरिया, सभापति सहकारिता
जनपद पंचायत रामपुर नैकिन
यह मामला उनके संज्ञान में अभी आया है। तत्संबंध में वह स्वयं विद्यालय जाकर वस्तुस्थिति की जानकारी लेंगे। छात्राओं की तबियत में यदि गिरावट है तो इसके लिए स्वास्थ्य विभाग से संपर्क कर टीम भी भेजने की व्यवस्था सुनिश्चित कराएंगे।
पवन कुमार सिंह, डीईओ सीधी।



