नागौद नगर परिषद में बढ़ा तनाव, पार्षदों की नाराजगी चरम पर – विकास कार्य थमे, समाधान की राह तलाश में जनप्रतिनिधि
सतना जबलपुर दर्पण । नगर परिषद नागौद में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अमले के बीच जारी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। परिषद के कई पार्षद लगातार सीएमओ की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि निर्माण और विकास कार्यों में सीएमओ द्वारा की जा रही मनमानी ने नगर के कई वार्डों में विकास को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया है। आरोप हैं कि जिन वार्डों से कांग्रेस समर्थित पार्षद चुने गए हैं, वहां योजनाओं को जानबूझकर रोक दिया गया है, जबकि अन्य वार्डों में कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।
पार्षदों के मुताबिक यह केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि परदे के पीछे खेली जा रही “राजनीतिक रणनीति” है, जिसके चलते संसाधनों और बजट का संतुलित उपयोग नहीं हो पा रहा। इस स्थिति के कारण कई वार्डों में सड़क, नाली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कार्य महीनों से अटके हुए हैं। वार्डवासियों में भी नाराजगी बढ़ती जा रही है और कई क्षेत्रों में विरोध की स्थितियां बनने लगी हैं।
सूत्रों के अनुसार, अब नाराज पार्षद सामूहिक रूप से संभागीय मुख्यालय और उससे आगे भोपाल पहुंचकर उच्चाधिकारियों से शिकायत करने की तैयारी कर रहे हैं। यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो नागौद नगर परिषद में विकास कार्यों का ठहराव और अधिक गहरा सकता है, जिसका सीधा असर आम जनता को झेलना पड़ेगा।



