सिहोरा दर्पण

सिहोरा जिला गठन की मांग फिर जोर पर

मनीष श्रीवास जबलपुर दर्पण । मध्यप्रदेश के राज पत्र 11 जुलाई 2003 को प्रकाशित जिला सिहोरा पूर्व और वर्तमान सरकार के लगातार अन देखी से विगत लम्बे समय से इस क्षेत्र वासियों से वोट लेने के पहले झूठे भरे आश्वासन दे कर चुनाव पर विजय हासिल कर भूल जाती थीं। पर अब विषय एक कर्मकठ और बचपन से पूरा जीवन आर एस एस की सेवा में समय दिया। और अब युवाओं ने जिला सिहोरा के लिए आत्मदाह करने वाले युवाओं को बचाने पूर्व प्रचारक प्रमोद साहू जी ने ये कठिन निर्णय और अन्य जल त्याग करने के लिए संघर्ष में तैयार हैं।
आपके इस निर्णय से सभी आहात सिहोरा वासियों ने पुनः सिहोरा जिला के लिए लगातार संघर्ष कर रही लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति ने प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग भोपाल को सिहोरा जिला बनाए जाने की प्रत्येक दक्षता का बिंदुवार विवरण देते हुए सिहोरा को जिला बनाए जाने का दावा प्रस्तुत किया।समिति ने अपने दावे में मझगवां, गोसलपुर और गांधीग्राम बुढ़ाग़र को सिहोरा जिले की तहसील बनाए जाने के भी दावे एवं सुझाव प्रस्तुत किए गए। समिति ने आयोग के अध्यक्ष एस एन मिश्रा को अपना दावा पत्र भी सौंपा।

आयोग की अनुसंशाओ पर सरकार लेगी निर्णय – मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मुख्यमंत्री बनने के साथ ही मध्य प्रदेश प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग का गठन किया है। वहीं आयोग मध्य प्रदेश के प्रत्येक संभाग, जिला, तहसील और ग्राम की सीमाओं को जन सुविधा की दृष्टि से पुनर्गठित करने का सुझाव मध्य प्रदेश सरकार को प्रस्तुत करेगा। सरकार आयोग की अनुशंसा के आधार पर मध्य प्रदेश के सभी निकायों की सीमाओं के पुनर्गठन का निर्णय लेगी।ऐसी स्थिति में अनेक नए जिले भी बनाए जाने की संभावना है। ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि 1 जनवरी 2026 की जनगणना प्रारंभ होने के पूर्व ही मध्य प्रदेश सरकार गठित आयोग की अनुशंसाओं को लागू कर सकती है।

सरकार की मंशानुरूप सिहोरा जिला –

लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति ने सिहोरा को जिला बनाए जाने के अपने दावे में मोहन सरकार की मंशानुरूप सुझाव प्रस्तुत किया है ।सरकार चाहती है कि किसी भी ग्राम की उसके जिला मुख्यालय से दूरी 70 किलोमीटर से अधिक ना हो इसी को आधार बनाकर समिति ने गांधीग्राम, मझौली, स्लीमनाबाद, बहोरीबंद, बाकल, सिलोंडी, ढीमरखेड़ा, खमतरा, बचैया आदि को सिहोरा जिले में शामिल करते हुए सिहोरा का दावा प्रस्तुत किया है।

बड़ी ग्राम पंचायतें बने तहसील –

लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति ने आयोग को प्रस्तुत अपने पत्र में बड़ी और पुरानी ग्राम पंचायत मझगवां, गोसलपुर और गांधीग्राम को तहसील का दर्जा दिए जाने का सुझाव भी समझ रखा। समिति ने इसके साथ ही ऐसे दर्जनों ग्रामों की वर्तमान तहसील में बदलाव करने का भी सुझाव दिया है जो सड़क मार्ग और दूरी के हिसाब से वर्तमान तहसील होने से परेशान है।

सड़क की लड़ाई की तैयारी भी जोरों पर –

सिहोरा को जिला बनाए जाने के संघर्ष में जहां एक और समिति के आह्वान पर 700 से अधिक अभ्यावेदन आयोग के समक्ष प्रस्तुत किए गए है। वहीं दूसरी और आगामी 6 दिसंबर से अन्न सत्याग्रह और 9 दिसंबर से अनिश्चितकालीन आमरण सत्याग्रह की तैयारी भी जोरों शोरों से शुरू कर दी गई है। व्यापारी संघ द्वारा भी 9 दिसंबर से अनिश्चितकालीन सिहोरा बंद की सामूहिक सहमति हेतु बैठ भी लगातार आयोजित कर रहा है। विगत चार दिनों से समिति के सदस्य सिहोरा के घर घर जाकर जिला आंदोलन के लिए पहुंच कर पर्चा वितरण कर रहे है।
विगत दिवस आयोग को अपना पत्र सौंपते समय समिति के अनिल जैन,विकास दुबे,कृष्ण कुमार कुररिया,मानस तिवारी सहित अनेक सदस्य इस दौरान मौजूद रहे।

राजपत्र क्या है? राजपत्र एक आधिकारिक सरकारी प्रकाशन होता है जिसमें सूचनाएँ, घोषणाएँ और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी होती है। इसका उपयोग विभिन्न प्रकार की सरकारी अधिसूचनाएँ, जैसे कानूनी घोषणाएँ, सार्वजनिक सूचनाएँ और आधिकारिक नियुक्तियाँ प्रकाशित करने के लिए किया जाता है।

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