डीजीपी कैलाश मकवाना व रीवा आईजी गौरव राजपूत की सख्ती का बड़ा असर

रीवा जबलपुर दर्पण । रीवा संभाग में नशे के अवैध कारोबार पर पुलिस की लगातार और कड़ी कार्रवाई का सीधा असर अब ज़मीन पर दिखने लगा है। पूरे प्रदेश में डीजीपी श्री कैलाश मकवाना के निर्देशन में चलाए जा रहे नशा मुक्ति अभियान और रीवा ज़ोन के आईजी श्री गौरव सिंह राजपूत की सख्त एवं ताबड़तोड़ कार्रवाइयों ने कोरेक्स माफिया को पूरी तरह बैकफुट पर ला दिया है।सूत्रों के अनुसार, पुलिस की इस नकेल के चलते—
कोरेक्स तस्कर रीवा संभाग से पलायन करने को मजबूर हो गए हैं।
इसी का परिणाम है कि प्रतिबंधित नशीला कफ सिरप कोडीन फॉस्फेट, जिसका प्रिंट रेट मात्र ₹130 प्रति शीशी, अब कमी और लगातार बढ़ती पुलिस दबिश के कारण ब्लैक मार्केट में ₹900 से ₹1100 तक पहुँच गया है।
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि—
- पिछले 26 वर्षों में पहली बार कोरेक्स माफिया पर इतनी कड़ी कार्रवाई देखी जा रही है।
- उपलब्धता लगभग समाप्त हो जाने से नशे के आदी युवाओं में हाहाकार की स्थिति है।
- पुलिस अब सप्लाई चैन तोड़ने के साथ बड़े नेटवर्क पर भी शिकंजा कस रही है।
आईजी रीवा के निर्देश पर लगातार नाके, निगरानी, गश्त और खुफिया तंत्र को मजबूत किया गया है, जिसके कारण नशा तस्करी की पूरी श्रृंखला लगातार धराशायी हो रही है।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने तक यह अभियान और अधिक सख्ती के साथ जारी रहेगा।



