झूठी शिकायत बना आधार, पालक शिक्षक संघों को एमडीएम का प्रभार, अध्यापन कार्य प्रभावित

डिंडोरी, जबलपुर दर्पण ब्यूरो। वैसे तो इस आदिवासी बाहुल्य जिला डिंडोरी में अधिकांश नियम-कानून सिर्फ कागजों में ही सिमटा नज़र आ रहा है, सरकारी सिस्टम अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए जमीनी हकीकत पर कम और कागजी कार्यवाही पर ज्यादा विश्वास रखता है। यही कारण है कि आज भी जिले के दर्जनों स्कूलों में पालक शिक्षक संघ ही बच्चों के लिए भोजन का प्रबंध कर रहा है, जबकि पूर्व में कार्यरत स्व सहायता समूह की महिलाएं कार्यालयों के चक्कर काट रही है। झूठी शिकायतों को आधार बनाकर कि गई कार्रवाई के बाद अतिरिक्त प्रभार पालक शिक्षक संघ के पास है, जिससे अध्यापन कार्य प्रभावित हो रहे है, साथ ही शिक्षकों के अतिरिक्त बोझ भी बढ़ गई है। गौरतलब है कि ग्रामीण अंचलों के अधिकांश स्कूलों में द्वेषपूर्ण या पूर्व की रंजीश के चलते फर्जी शिकायतें केवल परेशान करने के लिए की जाती है, प्रशासनिक अधिकारी भी कार्यालय में बैठें बिना कोई ठोस सबूतों के कार्यवाही कर वसूली का अड्डा बनाए बैठे हैं, जिन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। ताज़ा मामला जिले के जनपद पंचायत समनापुर अंतर्गत प्राथमिक शाला बुड़रूखी से सामने आया है। बताया गया कि केवल एक व्यक्ति विशेष की शिकायत को आधार बनाकर कार्रवाई कर दी गई, अब भोजन के प्रबंध करने में पालक शिक्षक संघ परेशान हैं, शैक्षणिक कार्य भी महिनों से प्रभावित है।



