जिला अस्पताल कटनी में लापरवाही की हद: इलाज के अभाव में महिला की मौत, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

कटनी जबलपुर दर्पण । जिला चिकित्सालय कटनी एक बार फिर अपनी बदहाल व्यवस्थाओं और स्टाफ की संवेदनहीनता के कारण विवादों के घेरे में है। ताजा मामला स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है, जहाँ एक पीड़ित पति ने अपनी पत्नी की मौत का जिम्मेदार अस्पताल के डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की लापरवाही को ठहराया है।
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता मनीष केवट ने वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपे शिकायती पत्र में बताया कि उनकी पत्नी रिंकी केवट को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मनीष का आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर और स्टाफ ने इलाज में घोर लापरवाही बरती। समय पर उचित उपचार न मिलने के कारण रिंकी केवट की असमय मृत्यु हो गई। पीड़ित ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि स्टाफ मुस्तैद होता, तो उसकी पत्नी की जान बचाई जा सकती थी।
रात को नदारद रहते हैं डॉक्टर, भगवान भरोसे मरीज
अस्पताल की अव्यवस्थाओं को उजागर करते हुए यह भी बताया गया कि जिला अस्पताल में रात के समय स्थिति बेहद चिंताजनक रहती है। ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर अक्सर अपने कक्षों से नदारद रहते हैं, जिससे आपातकालीन स्थिति में आए मरीजों को समय पर डॉक्टर उपलब्ध नहीं हो पाते। यह अव्यवस्था जिले के सबसे बड़े अस्पताल की साख पर बट्टा लगा रही है।
जांच के घेरे में संबंधित स्टाफ
CMHO ने इस संवेदनशील मामले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. राज सिंह ठाकुर ने संज्ञान लिया है। उन्होंने बताया कि
”सिविल सर्जन के माध्यम से संबंधित स्टाफ और डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिए गए हैं। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है कि लापरवाही किस स्तर पर हुई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी।”
दोषियों पर कार्यवाही की मांग
पीड़ित मनीष केवट ने जिला प्रशासन और वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारियों से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी डॉक्टरों और कर्मचारियों पर सख्त से सख्त कार्यवाही की जाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।



