
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को देश के टैक्स सिस्टम में सुधार के लिए एक नए प्लेटफॉर्म की शुरुआत की. इस प्लेटफॉर्म के तहत तकनीक की सहायता से टैक्स देने वाले लोगों को कई तरह की सुविधाएं मिलेंगी, साथ ही टैक्स देने में आसानी भी होगी. इस दौरान प्रधानमंत्री ने अपने कार्यकाल में लिए गए कुछ फैसलों को बताया, साथ ही इस प्लेटफॉर्म की खासियत भी समझाई.आज से शुरू हो रहीं नई व्यवस्थाएं, नई सुविधाएं, Minimum Government, Maximum Governance के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को और मजबूत करती हैं. ये देशवासियों के जीवन से सरकार को, सरकार के दखल को कम करने की दिशा में भी एक बड़ा कदम है. ये नए भारत के नए गवर्नेंस मॉडल का प्रयोग है और इसके सुखद परिणाम भी देश को मिल रहे हैं. पहले 10 लाख का मामला भी अदालत में चला जाता था, लेकिन अब HC-SC में जाने वाले मामले की सीमा क्रमश: 1-2 करोड़ की गई है. अब फोकस अदालत से बाहर ही मामलों को सुलझाने पर है.इन सारे प्रयासों के बीच बीते 6-7 साल में इनकम टैक्स रिटर्न भरने वालों की संख्या में करीब ढाई करोड़ की वृद्धि हुई है. लेकिन ये भी सही है कि 130 करोड़ के देश में ये अभी भी बहुत कम है, इतने बड़े देश में सिर्फ डेढ़ करोड़ साथी ही इनकम टैक्स जमा करते हैं. जो टैक्स देने में सक्षम हैं, लेकिन अभी वो टैक्स नेट में नहीं है, वो स्वप्रेरणा से आगे आएं और 15 अगस्त के दिन से ये संकल्प लें. विश्वास के, अधिकारों के, दायित्वों के, प्लेटफॉर्म की भावना का सम्मान करते हुए, नए भारत, आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सिद्ध करें।



