बड़े-बड़े बोल्डर भरकर 14 लाख की राशि को कर दिया बंटाधार

समनापुर के खाम्हा पंचायत में मनमानी का आलम।
सीएम हेल्पलाइन में शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
डिंडोरी ब्यूरो। जिले के समनापुर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत खाम्हा गांव में पंचायत प्रतिनिधियों की मनमानी आए दिन सामने आती ही रहती है,लेकिन मनमानी की शिकायत के बाद भी जिम्मेदारों पर कार्यवाही ना होने से पंचायत प्रतिनिधियों के हौसले बुलंद हैं।गौरतलब है कि पंचायत प्रतिनिधियों की मनमानी करने की शिकायत पूर्व में जिला कलेक्टर, जनपद कार्यालय सहित सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन शिकायत के वर्षों बाद भी जिम्मेदार के ऊपर कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिससे ग्राम पंचायत खाम्हा में भ्रष्टाचार करने के मामले दिनों दिन तेजी से बढ़ते जा रहे हैं।सूत्रों की मानें तो निर्माण कार्यों को खानापूर्ति करवाकर फर्जी बिल से लाखों रुपए की राशि मनमानी पूर्वक आहरण की जाती है,जिसे लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं।
- शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि पिछले साल ₹14 लाख रुपए की राशि से स्टॉप डैम का निर्माण कार्य कराया जाना था, जिसमें पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा जमकर मनमानी बरती गई,स्टॉप डेम निर्माण कार्य के दौरान बड़े-बड़े बोल्डर पत्थरों को भरकर स्टॉप डेम को खानापूर्ति के लिए बनवा दिया गया, जबकि आने वाले महज कुछ वर्षों में ही लाखों रुपए का स्टाफ डैंप धराशाही हो जाएगा। आरोप लगाया गया कि निर्माण कार्य के दौरान जिम्मेदारों द्वारा गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया, जिससे शुरुआती वर्षों में ही लाखों का स्टॉप डेम उखड़ने लगी है, स्टाफ डैंप की लोगों ने जांच कराकर जिम्मेदारों खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की गई है।
- अनुपयोगी स्थान पर बना लाखों का स्टॉप डेम
स्थानीय ग्रामीण मुकेश राठौर की माने तो पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा मनमानी पूर्वक कार्य करवाते हुए अनुपयोगी स्थान पर ही लाखों रुपए का स्टॉप डैम का निर्माण कर करवा दिया गया, जबकि स्टॉप डैंप के कुछ कदम नीचे पुलिया का निर्माण कर कराया गया है, ठीक पुलिया के ऊपर ही लाखों रुपए का स्टॉप डैम का निर्माण कार्य कराया जाना सवाल खड़ा कर रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जिन स्थानों में स्टॉप डेम का निर्माण कर करवाए जाने हेतु उपयोगी है, उक्त स्थानों में स्टॉप डेम ना बनवा कर अनुचित स्थानों पर स्टॉप डैम बनवाया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को ज्यादातर लाभ नहीं मिल पाएगा और ना ही पानी की रुकावट बन सकेगी, जिससे लाखों रुपए की लागत से बना स्टॉप डेम अनुपयोगी साबित हो रहा है, बावजूद शिकायत के महीनों बाद भी कार्रवाई ना करना मामले को नया रंग दे रहा है। स्थानीय ग्रामीणों ने जांच कराकर जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की गई है।



