बठिया गौशाला में गायों के खाने पीने को लेकर स्थिति ठीक नहीं


जिमेदारो के अनुसार शासन से नही मिला एक भी राशि खिलाने के लिए।
गोवर्धन गुप्ता मैहर। लाखो खर्च कर गौशालाओ का सरकार ने प्रदेश में बनवाया लेकिन गायों को खाने में जमीनी स्तर पर क्या मिल रहा है देखने सुनने वाला कोई नही, आज बठिया में बने गौशाला में करीब 15 दिनों से लगभग 100 गौ माताओ को रखा गया है, व्यवस्था करने वाले के अनुसार 6 टाली भूसा और पैरा खरीदकर मंगाया लेकिन जहाँ स्टाक रहता है भूसा व पैरा का था जब देखा गया तो मौके पर आधे टाली से भी कम भूसा दिखा वही घटिया क्वालिटी की पैरा भी दिखी अब सोचने वाली बात है कि अभी गौशाला में अभी दस दिन ही हुए है गायो को रखे और 6 टाली भूसा खत्म ? लोग गौशाला के नामपर भी कमाई सुरु हो गई है कुछ गौशालाओ को छोड़ बहुत से गौशालाओ की समय समय पर उच्च अधिकारियों को नजर रखनी पड़ेगी नही तो कमाई के चक्कर मे गौ माताओ के जिंदगी के साथ भी खिलवाड़ करने से लोग नही चूकेंगे, जबकि देर भले ही होता है लेकिन सरकारी पैसा जरूर आता है तो अभी से ही शासन के नियम अनुसार गायो के खाने की व्यवस्था पूरी क्यो नही? जबकि शासन के तरफ भूसा ,पैरा के साथ खली, चुनी भी खिलाना है लेकिन पैसा न मिलने की बात कह कर गायो को भर पेट भोजन नही दिया जा रहा है अब देखना है कि जब शासन का पैसा मिलेगा तो क्या डबल खिलाना सुरु कर देंगे।और गायों के खाने पीने के लिए खली चुनी तो छोड़ो सडे गले पैरा खाने को मजबूर है जबकि दिखावे के लिए आधे ट्राली भूसा तो रखा है लेकिन पैरा खिलाकर ही काम चलाया जा रहा जबकि गौशाला में मौके पर मिले लोगो ने बताया कि शासन से रुपये नही मीला अपने पास जितना रुपया था उससे ये कुछ भूसा और पैरा खरीदकर खिला रहे है जबकि शेड में बधी गयो को देख ये लगता था कि पैरा भी भर पेट नही मिल रहा है ऐसे में अगर यही हालत रही गायों के खाने पीने की तो आने वाले दिनों में स्थितियां ठीक नही होगी।



