जिले के अधिकांश कोविड केयर सेंटरों में अव्यवस्था हावी,भर्ती मरीज हो रहे परेशान

डिंडोरी,जबलपुर दर्पण ब्यूरो। जिला मुख्यालय सहित जिले के अन्य कोविड-19 सेंटरों में अव्यवस्था हावी है, व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदारों के द्वारा कोई ठोस पहल नहीं कि जा रही। बताया गया कि जिले के कुछ कोविड केयर सेंटरों में शौचालयों की साफ सफाई, पानी की समुचित व्यवस्था, देखरेख, इलाज, शुद्ध पेयजल व्यवस्था सहित अन्य का अभाव बना हुआ है, जिससे भर्ती मरीजों को परेशानी हो रही है।अब कोविड केयर सेंटरों में भर्ती मरीज शासन प्रशासन से जिले भर के कोविड सैंटरो में व्यवस्था दुरुस्त करवाने की मांग कर रहे हैं। गौरतलब है कि जिला अस्पताल स्थित कोविड केयर सेंटर में कल दोपहर से शौचालय में पानी की सप्लाई शाम तक बंद होने की शिकायत जिला अस्पताल में बने कोविड केयर सेंटर में भर्ती मरीजों के द्वारा की जाती रही है। जब समस्या का निदान नहीं हुआ और वहां पर तैनात अमला अनसुनी करता रहा तब परेशान मरीजों ने सोशल मीडिया पर अपनी समस्या बताई। मामला सोशल मीडिया में आने के बाद डीपीएम बिक्रम सिंह का कहना था कि ठेकेदार पम्प सुधार देगा, बावजूद देर शाम तक शौचालय में पानी की सप्लाई शुरू नहीं हो पाई।

– डेस्टबिन में पड़ा रहता है कचड़ा, हटाने के लिए देर बाद भी नहीं होती पहल।
एक तरफ गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों की शारीरिक व मानसिक दशा वैसे ही खराब है, दूसरी ओर साफ सफाई व पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित तक न करवाना सवाल खड़ा कर रहा है।कोविड सैंटरो में पर्याप्त व्यवस्था न होना प्रदेश शासन के बड़े बड़े दावो की पोल खोल रहा है।बताया गया कि अधिकांश कोविड केयर सेंटरों में न टायलेट की साफ-सफाई की जाती और न ही रेगुलर नल चालू रहते है, जिससे भर्ती मरीजों को गंदगी व बदबू से सामना करना पड़ रहा है।जिला अस्पताल के कोविड केयर सेन्टर में भर्ती मरीजों का आरोप है कि चार दिन से वेस्ट साफ नही हो रहा, पूरा कमरा बदबू मार रहा है, जिससे मरीजों को रहने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कोविड केयर सेंटरों में व्यवस्था सुनिश्चित करने अगर जल्द पहल नहीं की जाती तो कोविड मरीज सेन्टर छोड़कर भगने के लिए मजबूर होंगे।
– डीपीएम ने कहा जल्द कोविड सेन्टरों में करवाएंगे व्यवस्थाओं को दुरुस्त।

कोविड सेन्टरों में गंदगी व बदबू की शिकायत पर पत्रकारों को डीपीएम ने बताया पाईप चोक है जल्दी ठीक करवा दिया जावेगा और व्यवस्था को जल्द सुधारने का आश्वाशन दिया।अब सवाल यह उठता है कि जब डीपीएम को समस्या पता है तो समाधान क्यों नहीं हुआ,भर्ती मरीज अपेक्षा का आरोप स्वास्थ विभाग पर लगा रहे है। जिला प्रशासन को स्वास्थ्य विभाग के दावो और व्यवस्थाओं की निगरानी हेतु अपने स्तर पर टीम गठित कर व्यवस्थाओं को सुधारने हेतु कार्यवाही की जानी चाहिए। शासन प्रशासन जिस तरह से व्यवस्थाओं का दावा कर रही है, लेकिन तस्वीरें उससे कुछ उलट नजर आ रही है।



