फर्जी खबरों पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी, संसदीय समिति ने दंडात्मक प्रावधान संशोधन की सिफारिश
ढीमरखेड़ा जबलपुर दर्पण । संसद की स्थायी समिति ने फर्जी खबरों और सनसनीखेज समाचारों के प्रसार को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की सिफारिश की है। समिति ने मीडिया से जुड़े कानूनों के कार्यान्वयन और उनके प्रभाव की विस्तृत समीक्षा की, ताकि डिजिटल और टीवी मीडिया में बढ़ती पेड न्यूज और फेक न्यूज की समस्या का समाधान किया जा सके।
समिति की अध्यक्षता सांसद निशिकांत दुबे ने की। बैठक में मीडिया संगठनों को भी आमंत्रित किया गया, जिन्होंने फर्जी खबरों पर नियंत्रण और मीडिया की विश्वसनीयता बनाए रखने के उपायों पर अपने सुझाव साझा किए। समिति ने चिंता जताई कि कुछ टीवी चैनल केवल टीआरपी बढ़ाने के लिए सनसनीखेज खबरों का प्रसार कर रहे हैं, जिससे गंभीर और महत्वपूर्ण मुद्दे दब रहे हैं।
इसके अलावा, मीडिया मालिकों, पत्रकारों और राजनीतिक इकाइयों के बीच हितों के टकराव से खबरों की विश्वसनीयता पर असर पड़ रहा है। समिति ने इन चुनौतियों का समाधान करने के लिए दंडात्मक प्रावधानों में संशोधन की सिफारिश की, ताकि फर्जी खबरों के प्रसार को रोका जा सके और जनता तक सही और भरोसेमंद सूचना पहुँचाई जा सके।



