ग्रामोदय विश्वविद्यालय में इंजीनियर्स डे आयोजित

सतना जबलपुर दर्पण । महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के अभियांत्रिकी और प्रौद्योगिकी संकाय में इंजीनियर्स डे के अवसर पर व्याख्यान, इंजीनियरिंग मॉडल क्रिएशन प्रदर्शनी, सांस्कृतिक कार्यक्रम आदि गतिविधियां आयोजित की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कुलसचिव प्रो. आर सी त्रिपाठी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता अधिष्ठाता डॉ आञ्जनेय पांडेय ने की। कार्यक्रम में छात्रों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन, दर्शकों का मनोरंजन किया।
इस अवसर पर कुलसचिव प्रो आर सी त्रिपाठी ने छात्रों को इंजीनियरिंग के क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। प्रो त्रिपाठी ने कहा कि चित्रकूट सोशल इंजीनियरिंग का बहुत बड़ा क्षेत्र है। पूर्व यहां किए गए अविष्कारों का उल्लेख नहीं हो पाया है। उन्होंने
स्फटिक शिला से जुड़े वनवासी राम के मानस प्रसंग को बताते हुए कहा कि उनके द्वारा चलाया गया बाण अभियंत्रित बाण था। इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भारत ने बड़ी तरक्की की है। इंजीनियरिंग का योगदान समाज के प्रत्येक क्षेत्र में बढ़ रहा है।
अधिष्ठाता डॉ आञ्जनेय पांडेय ने कहा कि भारत ने विश्व को शून्य संख्या का ज्ञान दिया। इसी क्रम में भारत के गणितज्ञ श्री दत्तात्रेय रामचंद्र कापरेकर ने एक जादुई संख्या 6174 से परिचित कराया। इसकी विशेषता है कि किसी भी चार अंक जिसमें कम से कम एक भिन्न संख्या हो, उससे निर्मित अधिकतम तथा न्यूनतम संख्या का अंतर निकालने पर बची संख्या से पुनः उपरोक्त प्रक्रिया अपनाई जाए, अधिकतम सात बार में उपरोक्त संख्या प्राप्त होगी। इसे कापरेकर कांस्टेंट कहा जाता है।
डॉ पांडेय ने सोशल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में भगवान राम द्वारा वनवास काल में किए गए कार्यों को बताया। उन्होंने नाना जी देशमुख द्वारा किए गए कार्यों को सोशल इंजीनियरिंग के रूप में निरूपित किया।
भारतीय ज्ञान परंपरा पर प्रकाश डालते हुए डॉ पांडेय ने ग्रामोदय विश्वविद्यालय की स्थापना को नाना जी देशमुख की सोशल इंजीनियरिंग परिणाम बताया। अधिष्ठाता डॉ. आञ्जनेय पांडेय ने कार्यक्रम की सफलता के लिए छात्रों और शिक्षकों की सराहना की। निदेशक यांत्रिक इकाई इंजी चंद्र प्रकाश बस्तानी ने धन्यवाद ज्ञापन में सभी का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में अपनी रुचि को बढ़ावा देने के लिए एक मंच प्रदान करना था। संयुक्त मंच संचालन शांभवी सिंह, रिया केसरवानी, कुशल कश्यप ने किया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में स्वस्तिका, कशिश, शिवानी, दुर्गेश नंदिनी, सृष्टि ने मां सरस्वती शारदे गीत के बोल के साथ सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। शिवानी, तनिष्का, सुहानी, आकृति, प्राची ने एक दंत वक्र और शंभू सुकाया बोल के साथ गणेश वंदना की। श्रेया सिंह ने सोलो डांस किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम की श्रृंखला में प्रस्तुत वेलकम सॉन्ग में त्रियांशी, स्वास्तिका, काशीश, शिवानी, दुर्गेश नंदिनी और सृष्टि ने अपने मधुर स्वरों से दर्शकों का स्वागत किया। डांस परफॉर्मेंस में अयांश, आदर्श द्विवेदी, शिव त्रिपाठी और उज्ज्वल शुक्ला ने अपनी नृत्य प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इसके अलावा, आरुषि करवरीया और दिव्यश्री सिंह ने भी अपनी नृत्य प्रतिभा का प्रदर्शन किया। द्वितीय समूह की लड़कियों के डांस परफॉर्मेंस में शिवांशी, वंशिका तिवारी, श्रृष्टि केशरवानी, तनिष्का, सुहानी, अक्रिति, प्राची और प्रांशि सिंह ने अपनी नृत्य प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
इस मौके पर दूरसंचार विभाग के महावीर सिंह एसडीओ, अंकित सोनी जेटीओ, एयर डिविट के डायरेक्टर आनंद मिश्र सहित ग्रामोदय विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी और छात्र छात्राओं ने सहभागिता की।



