लखनऊ में सिनेमा और सृजन का संगम

लखनऊ जबलपुर दर्पण | उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के सहयोग से एमरेन फाउंडेशन द्वारा आयोजित छठा लखनऊ इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2025 रविवार को संत गाडगे जी महाराज सभागार, गोमती नगर में संपन्न हुआ। 25–26 अक्टूबर तक चले इस दो दिवसीय आयोजन में देश-विदेश की 252 प्रविष्टियों में 20 चयनित शॉर्ट फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। फेस्टिवल की संस्थापक रेणुका टंडन ने इसे “सपनों, जुनून और सिनेमा प्रेम का उत्सव” बताया, जबकि निदेशक गौरव द्विवेदी ने कहा कि लखनऊ अब सिनेमा के प्रमुख केंद्रों में अपनी पहचान बना रहा है। पहले दिन लॉस्ट इन टेलीपो्टेशन, रिजॉल्व? चाइल्ड लेबर, घुसपैठिया कौन, वीवर वंडर्स, आजादी, ग्लो वर्म इन ए जंगल, नॉट डिलीवरड, एलओ-वी, सनफ्लावर्स वेयर द फर्स्ट वन्स टू नो और सोल कैचर सहित 10 शॉर्ट फिल्मों का प्रदर्शन हुआ। दूसरे दिन एफटीआईआई छात्रों और स्वतंत्र फिल्मकारों की 10 फिल्मों ने शांति, सद्भाव और सामाजिक मुद्दों पर दर्शकों को प्रभावित किया। लखनऊ के फिल्मकार रवि दानिश की मेहर प्रोडक्शन के बैनर तले निर्मित फिल्म ‘रिजॉल्व? चाइल्ड लेबर’ को दो पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। तमिल फिल्म ‘थुनई’ को सर्वश्रेष्ठ फिल्म और वृत्तचित्र ‘गंगा पुत्र’ को सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री का पुरस्कार मिला। दोनों विजेताओं को ₹45,000 का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया। पुरस्कार वितरण हुमा कुरैशी और सनी सिंह के कार्यक्रमों द्वारा संपन्न हुआ।समापन समारोह में अंतरराष्ट्रीय नृत्यांगना संयुक्ता सिन्हा की प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया, वहीं बाॅलीवुड अभिनेत्री हुमा कुरैशी और अभिनेता सनी सिंह की उपस्थिति ने समारोह की शोभा बढ़ाई। उद्घाटन पूर्व सांसद रीता बहुगुणा जोशी, फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीटयूट के वाइस चांसलर धीरज सिंह, रेणुका टंडन और संतोष ओझा ने दीप प्रज्वलित कर किया।महिला सशक्तिकरण, स्वतंत्र फिल्म निर्माण और मीडिया की जिम्मेदारी पर हुई विशेष पैनल चर्चा में ज्योति कपूर दास ने युवा फिल्मकारों को मार्गदर्शन दिया।कुल मिलाकर इस फेस्टिवल ने लखनऊ को सिनेमा, संस्कृति और सृजन के जीवंत संगम के रूप में नई पहचान दी।



