नींद में डूबा तंत्र या सौदे की नींद?

मैहर जबलपुर दर्पण । भदनपुर से मैहर तक का रास्ता आज प्रशासन की नाकामी और विभागीय मिलीभगत की जिंदा तस्वीर बन गया है। खनिज और परिवहन विभाग पर जनता का गुस्सा फूट पड़ा है — सवाल सीधा है, आख़िर ओवरलोड ट्रकों पर इतनी मेहरबानी क्यों?भारी ओवरलोड ट्रक दिन-रात बेहिचक KJS सीमेंट प्लांट की ओर दौड़ रहे हैं, और जिम्मेदार अधिकारी मानो गहरी नींद में हैं या फिर इस खेल के हिस्सेदार बन चुके हैं। आम जन के बीच चर्चा तेज है कि जिन विभागों का काम ओवरलोडिंग पर लगाम लगाना है, उन्होंने खुद को माफियाओं के हाथों गिरवी रख दिया है।सड़कें टूट रही हैं, ग्रामीण त्रस्त हैं, और विभाग निरीक्षण के नाम पर सिर्फ कागजी खानापूर्ति कर रहा है। यह प्रशासन की खुली विफलता नहीं तो और क्या है?
जनता का अब साफ कहना है —या तो ओवरलोड बेलगाम ट्रकों पर तत्काल कार्यवाही करो,
या फिर मीडिया के माध्यम से लिखित में बताओ कि विभाग ने माफिया के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। अब देखना यह है कि खनिज और परिवहन विभाग नींद से जागता है या फिर ओवरलोड माफिया के बोझ तले दबा रहकर जनता के धैर्य की परीक्षा लेता रहता है।



