रामतिल एवं सरसों की फसल से वन पट्टा धारक किसानों के चेहरे पर छाई खुशी

बालाघाट जबलपुर दर्पण । किरनापुर विकासखंड का ग्राम कसंगी दूरस्थ क्षेत्र में है और नक्सल प्रभावित क्षेत्र के अंतर्गत आता है। यह ग्राम वन क्षेत्र से घिरा हुआ है। इस ग्राम के वन पट्टाधारक किसानों के खेत में इन दिनों रामतिल एवं सरसों की फसल लहालहा रही है। खेत में लगी फसल को देखकर वनपट्टा धारक किसानों के चेहरे पर खुशियां छा गई है।
किरनापुर की कृषि विस्तार अधिकारी कुमारी जमुना मरकाम ने कसंगी के भ्रमण के दौरान यहां के वन पट्टा धारक किसानों को अपने खेत में रामतिल एवं सरसों की खेती करने की सलाह दी थी और किसानों को कृषि विभाग की तिलहन क्षेत्र विस्तार योजना के अंतर्गत सरसों के बीज मिनीकिट का नि:शुल्क वितरण किया था। उनके द्वारा कसंगी के वन पट्टाधारक किसान शिवलाल मरकाम, अंतराम मरकाम, गणेश मर्सकोले, गोरेलाल जी, बस्तर सिंह पंद्रे, झनक सिंह जी, उमाशंकर मरकाम तथा अन्य वन पट्टाधारी कृषकों को सरसों एवं रामतिल के बीज मिनीकिट प्रदाय किये गये थे।
इन किसानों द्वारा अपनी पट्टे की भूमि पर लगाई गई फसल में अब फूल आ गये है और लग रहा है कि खेत पीली सुनहरी चादर से ढक गये हैं। कुछ दिनों में सरसों एवं रामतिल की फसल पकने की स्थिति में आ जायेगी। इससे इन किसानों को अच्छी खासी आय होने की उम्मीद है। इन किसानों द्वारा इस वर्ष अपने खेतों में जगनी तिलहन फसल भी लगाई गई है। इन किसानों से कृषि विस्तार अधिकारी जमुना मरकाम द्वारा सतत सम्पर्क बनाये रखा गया है और समय समय पर उन्हें मार्गदर्शन दिया जा रहा है।



