प्रधानमंत्री कालेज आफ एक्सीलेंस में बस किराया अनिवार्य

सीधी जबलपुर दर्पण । प्रधानमंत्री कालेज आफ एक्सीलेंस, संजय गांधी स्मृति शासकीय महाविद्यालय सीधी में प्रवेश लेने वाले सभी छात्र-छात्राओं के लिए बस का किराया अब अनिवार्य कर दिया गया है। तत्संबंध में प्राचार्य द्वारा 11 दिसंबर 2025 को जारी संशोधित सूचना के अनुसार स्नातक द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ वर्ष एवं स्नातकोत्तर तृतीय सेमेस्टर सत्र 2025-26 में अध्ययनरत सभी छात्र-छात्राओं को जिनके द्वारा प्रवेश शुल्क की राशि प्रथम किस्त ऑनलाइन जमा कर प्रवेश प्राप्त किया गया था उनकी प्रवेश शुल्क की द्वितीय किस्त के साथ बस किराया शुल्क 300 रुपए 30 दिसंबर 2025 तक महाविद्यालय के बैंक खाता में जमा करना है। तत्संबंध में चर्चा के दौरान महाविद्यालय के कुछ छात्रों का कहना था कि बस का उपयोग काफी कम विद्यार्थी करते हैं। कॉलेज की बस जो चल रही है उसके आने-जाने का कोई निर्धारित समय नहीं है। इसके अलावा यह बस शहर के किस क्षेत्र में कहां से चलेगी इसको लेकर भी अनिश्चितता है। इसी वजह से बस का उपयोग करने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या काफी नगन्य है। कुछ छात्र-छात्राएं ऐसे हैं जो कि कॉलेज के समीप से ही आते हैं उनके लिए भी बस का किराया अनिवार्य करना काफी ज्यादती है। वहीं काफी संख्या में छात्र-छात्राएं काफी दूर के ग्रामीण क्षेत्रों से आते हैं वह भी बस का किराया अनिवार्य रूप से जमा नहीं कर सकते। फिर भी कॉलेज प्रबंधन द्वारा मनमानी तौर पर सभी छात्र-छात्राओं के लिए 300 रुपए प्रवेश शुल्क के साथ जमा करना अनिवार्य कर दिया गया है। महाविद्यालय प्रबंधन को बस किराया को वैकल्पिक रखा जाए। जो छात्र-छात्राएं बस का उपयोग करने के इच्छुक हैं उनके लिए ही उसे लागू किया जाना चाहिए। वहीं कुछ छात्रों का कहना था कि बस का किराया सभी को अनिवार्य तभी किया जाना चाहिए जब कॉलेज के पास पर्याप्त संख्या में बस मौजूद हों। शहरी क्षेत्र के सभी मोहल्लों के समीप से यह बस गुजरे और कम से कम ग्रामीण क्षेत्रों के 20 किलोमीटर की परिधि तक चले।
नि:शुल्क शिक्षा की उजागर हुई सच्चाई
शासकीय कालेजों में प्रदेश सरकार द्वारा नि:शुल्क शिक्षा व्यवस्था देने का ढिंढोरा पीटा जा रहा है। लेकिन हकीकत यह है कि अब शासकीय कॉलेज में भी मनमानी तौर पर शुल्क वसूली के प्रावधान जोड़े जा रहे हैं। हैरत की बात तो यह है कि प्रधानमंत्री कालेज आफ एक्सीलेंस, संजय गांधी स्मृति शासकीय महाविद्यालय सीधी में केवल एक बस उपलब्ध है। जबकि प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या हजारों में है। ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि एक बस का उपयोग इतने सारे विद्यार्थी नहीं कर सकते। फिर भी बिना सुविधा के ही सभी छात्र-छात्राओं के लिए बस शुल्क को मनमानी तौर पर अनिवार्य कर दिया गया है। जिसको जन प्रतिनिधियों को भी संज्ञान में लेना चाहिए।
इनका कहना है।
मध्य प्रदेश शासन उच्च शिक्षा विभाग के आदेशानुसार सभी छात्र-छात्राओं से एक रुपए प्रति दिन एवं 10 महीने का बस किराया 300 रुपए लेने का आदेश कॉलेज की ओर से जारी किया गया है। वर्तमान में कॉलेज के पास केवल एक बस की सुविधा है। जिसका उपयोग छात्र-छात्राओं द्वारा पूर्व से किया जा रहा है।
डॉ. प्रभाकर सिंह, प्राचार्य
प्रधानमंत्री कालेज आफ एक्सीलेंस सीधी।



