ग्रामोदय विश्वविद्यालय में विवेकानंद जयंती सप्ताह का समापन

सतना जबलपुर दर्पण । विश्वविद्यालय अनुदान आयोग नई दिल्ली के निर्देश के अनुक्रम में महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित विवेकानंद जयंती कार्यक्रम सप्ताह छात्र छात्राओं की उत्साह पूर्ण प्रस्तुतियों के साथ संपन्न हुआ। समापन अवसर पर कुलगुरु प्रो आलोक चौबे ने कहा कि स्वामी विवेकानंद हमारे युवाओं की प्रेरणा है। स्वामी विवेकानंद के व्यक्तित्व से ध्येय और लक्ष्य प्राप्ति की बात को आत्मसात कर शिक्षा और सफलता के लिए आगे बढ़ना चाहिए। प्रो चौबे ने कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है। गांव और गांव में रहने वाली आबादी के कल्याण केलिए ग्रामोदय संकल्प को पूरा करना होगा। ग्रामोदय ही राष्ट्रोदय का आधार है।
समापन अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि पधारे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मध्य क्षेत्र संपर्क प्रमुख प्रवीण गुप्त ने कुलगुरु प्रो आलोक चौबे के साथ परिसर भ्रमण कर कार्यक्रमों को रुचि देखा तथा अनेक प्रश्न उत्तरों के मध्य विद्यार्थियों को प्रोत्साहित भी किया।
अतिथि गणों ने आईटीईपी पाठयक्रम के विद्यार्थियों द्वारा लगाई गई क्रिएटिव और एजुकेशनल टूल्स प्रदर्शनी का अवलोकन के दौरान छात्र छात्राओं द्वारा प्रस्तुत कठपुतली आदि के माध्यम से गांव वालों को प्रेरित करने वाले अनेक मॉडल देखें। प्रदर्शनी प्रमुख डॉ नीलम परिहार से क्रिएटिव आर्ट और एजुकेशनल टूल्स प्रदर्शनी के संबंध में जानकारी दी।
विवेकानंद जयंती कार्यक्रम के मुख्य संयोजक डॉ उमेश कुमार शुक्ला ने सप्ताह पर्यन्त सम्पन्न कार्यक्रमों का विवरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि संघर्षों के साए में हमारा इतिहास पलता है, जिस ओर जवानी चलती है, उस ओर जमाना चलता है। नवयुवकों की तरूणाई ही राष्ट्र की दिशा को बदल सकती है। इस भावना को दृष्टिगत रखते हुए निबंध प्रतियोगिता, व्याख्यान, विचार विमर्श, स्वास्थ्य परीक्षण, प्रदर्शनी, सेवा कार्य आदि गतिविधियां संपन्न हुई। डॉ शुक्ला ने बताया जयंती सप्ताह कार्यक्रम में आयोजित निबंध प्रतियोगिता में शामिल छात्र छात्राओं को सहभागिता प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। इस अवसर पर ग्रामोदय विश्वविद्यालय कैंपस आए अतिथियों, क्षेत्रीय गणमान्य व्यक्तियों, शिक्षकों , अधिकारियों, कर्मचारियों और छात्र छात्राओं ने ने रुचि पूर्वक कार्यक्रमों को देखा।



