10 से अधिक किसानों की 60 एकड़ मे लगी गेंहू की फसल स्वाहा

सार्टसर्किट बना कारण, देवगवां की घटना

उमरिया। दोपहर को सार्टसर्किट से लगी आग ने करीब 60 एकड़ से भी अधिक भूमि पर खड़ी गेहूं की फसल को अपनी चपेट मे ले लिया जहां सारी फसल जलकर खाक हो गई, बताया गया कि इतने बड़े रकबे मे लगी आग पर काबू पाने दो गांव के ग्रामीणों ने सिंचाई वाले पंप को चालू पर अपनी फसल की रक्षा की है॥ घटना को लेकर जानकारी है कि मानपुर जनपद के ग्राम पंचायत देवगवां मे खड़ी गेहूं की फसल पर आज दोपहर दो बजे सार्टसर्किट हुआ जिसकी चिंगारी ने तकरीबन 60 एकड़ से अधिक की सूखी गेहूं की फसल को अपने आगोश मे ले लिया था, जब तक ग्रामीणों को इस बात की खबर मिलती तब तक दर्जन भर किसानों की फसल राख मे तब्दील हो चुकी थी॥ आग लगने की जानकारी कटनी जिले के बरही नगर परिषद को दी गई जहां से घंटो बाद फायर ब्रिगेड पहुंचा लेकिन तब तक किसानों ने खेत की जोताई कर और पानी डालने सहित अन्य उपाय कर सैकड़ो एकड़ की फसल को तबाह होने से बचा लिया॥ बताया गया कि आग ने देवगवां निवासी श्यामराज सिंह, हेमराज सिंह, ललन सिंह, अवध राम सिंह, योगेन्द्र सिंह, राजेन्द्र सिंह, मथुरा गुप्ता, दुलारे काछी, संतोष काछी, रामजियावन जयसवाल सहित अन्य किसानों की फसल प्रभावित हुई है॥ बहरहाल अभी तक किसी प्रशासनिक अधिकारी के घटना स्थल पर पहुंचने की जानकारी सामने नही आई है।
अधिकारियों का रवैया लापरवाह

बांधवगढ़ क्षेत्र भीषण आग लग गई यह आग 3 दिन पहले छुटपुट तरीके से लगी हुई थी जिसे विभाग के द्वारा आनन-फानन में बताने की कोशिश की गई थी लेकिन लापरवाह पूर्ण तरीके से कार्य करने के कारण आज शाम के समय बुझी हुई आग ने विकराल रूप ले लिया अधिकारियों का रवैया इस प्रकार से है इस प्रकार की भीषण आग को देखने के बावजूद अपने मोबाइल फोन को बंद रख कर के रखा गया है संपर्क करने की कोशिश करने पर कोई जवाब नहीं मिल रहा है गौर करने वाली बात यह है कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में प्रोजेक्ट वाणी की के नाम पर करोड़ों रुपए हर साल आते हैं जिन का मुख्य उद्देश्य गर्मियों के लिए पहले से ही आग जैसी स्थिति से बचने के लिए प्रयास करना है लेकिन विगत कई सालों से प्रोजेक्ट वानिकी के पैसों को अधिकारियों के द्वारा अन्य क्षेत्रों में खर्च कर दिए जाते हैं जिसके कारण इस प्रकार की समस्या लगभग हर साल दिखाई दे रही है।



