टीकाकरण के बाद बच्चे की मौत, थाने में शिकायत दर्ज

सीधी जबलपुर दर्पण । जिले के मझौली थाना क्षेत्र अंतर्गत एक दिल को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, बताया गया है कि टीकाकरण की वजह से एक 09 माह के बच्चे की मौत हो गई है। आक्रोशित परिजनों ने टीकाकरण करने वाले कर्मचारी के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
उल्लेखनीय हैं कि बंजारी निवासी कमलाकांत यादव का बच्चा आरव यादव उम्र 09 माह अचानक 9 सितंबर मंगलवार को शाम 5:30 बजे तबीयत खराब हुई जिसे निजी वाहन से जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया जहां डॉक्टरों द्वारा जांच उपरांत मृत घोषित कर दिया गया वहीं मृत बच्चे के पिता ने बच्चे की मौत की वजह गलत टीकाकरण किया जाना बताया। उन्होंने बताया कि आज आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 01 बंजारी में मंगलवार को वह खुद ले जाकर टीका लगवाया था और कुछ घंटे बाद ही बच्चे की तबीयत खराब हो गई। इतना ही नहीं अस्पताल परिसर में संचालित पुलिस चौकी में मामले की प्राथमिक भी दर्ज कराई गई एवं दूसरे दिन बुधवार को मृत बच्चे का पोस्टमार्टम किया गया तब शव परिजनों को सौंप दिया गया और मामले की विवेचना जारी है।
परिजन व ग्रामीणों में है आक्रोश
बच्चे की अचानक मौत की खबर जैसे ही मृतक के परिजन एवं ग्रामीणों के बीच पहुंची तो सभी एक स्वर में कह रहे थे कि गलत टीकाकरण की वजह से मौत हुई है ऐसे में टीकाकरण के प्रति भी लोगों की सोच नकारात्मक होने लगी है वहीं परिजनों सहित ग्रामीणों में इस बात को लेकर असंतोष एवं आक्रोश भी है।
इनका कहना हैं।
मेरा बेटा पहले स्वस्थ रहा टीका लगवाने के बाद घर ले गए और कुछ घंटे बाद उसकी तबियत खराब हुई जिसे अस्पताल लाया तो मृत घोषित कर दिया गया।ऐसे में अंदेशा है कि गलत टीकाकरण ही मौत की वजह है जिसकी जांच होनी चाहिए ताकि भविष्य में दूसरे बच्चों के साथ इस तरह घटना ना घटित हो।
कमल कांत यादव,
मृत बच्चे का पिता।
मैं 10 वर्षों से टीका लगा रही हूं लेकिन ऐसी गलती कभी नहीं हुई है और मुझे भरोसा है कि बच्चे की मौत की वजह गलत टीकाकरण नहीं है बल्कि वजह दूसरी है।
प्रीती गुप्ता एएनएम, टीकाकरण कर्मचारी।
टीका लगाने से कुछ साइड इफेक्ट हो सकते हैं लेकिन मौत नहीं हो सकती है और टीका लगाने के आधा घंटे के अंदर ही टीका का दुष्प्रभाव हो सकता है बाद में कुछ नहीं होता है।बच्चे की मौत की वजह टीका करण नहीं है शायद गले में उसके बलगम जमा था जिससे उसकी सांस अवरुद्ध हो गई। मेरे द्वारा भी अपने स्तर से जानकारी ली गई है यह अलग बात है कि परिजन टीकाकरण को ही जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
डॉ संदीप शुक्ला, खंड चिकित्सा अधिकारी मझौली।



