संपादकीय/लेख/आलेख
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दो उवाच
एक राहगीर आगे अपनी मंजिल की तरफ जा रहा था । अचानक से जोरदार बारिश आयी । उसने महल के…
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मुहूर्त का असमंजस
हम सब अंतराय व सभी कर्म से हर पल अप्रमत्त रहते हुए बचने का प्रयास करें।क्योंकि भगवान तीर्थंकर होते हुए…
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समय का इस्तेमाल हो सही
कहते है कि जिसने अपने जीवन में समय का सही से इस्तेमाल किया वह अपने जीवन में आगे बढ़ा हुआ…
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न छग से लेना ना शासन से लेना फिरकिस बात की सजा विद्युत पेंशनरों को…?
मध्यप्रदेश के विद्युत पेंशनरों का दुखड़ा भी अजीब हैं विद्युत पेंशनरों को महंगाई राहत समय पर नहीं मिलने का ।…
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सेहत की बदहाली बता रही सच्चाइयां
भारत संयुक्त राष्ट्र की एक रपट में यह जानकारी दी गई है कि प्रसव एवं उसके पश्चात जच्चा-बच्चा की मौतों…
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राष्ट्र चिंतनः अधिकारों की चाहत नहीं उत्तरदायित्व फिक्र होनी चाहिए
वर्तमान के इस दौर में जब देश में लोकतंत्र अपनी अस्मिता बचाने की जद्दोजहद में है वहां समाज का हर…
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श्रमजीवी पत्रकार परिषद को समर्पित शब्द सुमन
पत्रकार परिषद हम सबकी, “परमानंद” की जागीर नहीं।रांझा बन डाेलते “नलिन” केवल उनकी यह हीर नहीं।।पत्रकारों का “सुदृढ़ संगठन” लड़ता…
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परिणामोन्मुखी नवाचार, परीक्षा पे चर्चा
आलेख : डॉ नितेश शर्मालेखक प्रदेश संयोजक,शिक्षक प्रकोष्ठ मप्र भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की संसदीय राजनीति के मानक…
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चीता-बिल्ली, एक समान
✍🏻 आशीष जैन (उप-संपादक) जबलपुर दर्पण। चीता आये देश में, हो गये सब बलवान।औरन को सब भूल गये, ये सब…
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क्षमावाणी से होती है विचारों की शुद्धता
आलेख :: आशीष जैन {उप संपादक} दैनिक जबलपुर दर्पण (94243 22600) ashishjain0722@gmail.com जहाँ दया तहा धर्म है, जहाँ लोभ वहां…
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