‘शक्ति संगम’ कार्यक्रमों की श्रृंखला का शुभारंभ

सिवनी जबलपुर दर्पण । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देशभर में संघ का शताब्दी वर्ष उल्लासपूर्वक मनाया जा रहा है। इसी क्रम में विद्या भारती संगठन द्वारा अपने सभी विद्यालयों में ‘सप्त शक्ति संगम’ कार्यक्रमों की श्रृंखला प्रारंभ की गई है।जिला संयोजक सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, भैरोगंज में आयोजित पत्रकार वार्ता में कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ. अमिता पटेल (सेवानिवृत्त प्राचार्य एवं प्रज्ञा प्रभार महिला आयाम प्रमुख), श्रीमती सरिता आंधवान (विभागीय पदाधिकारी एवं योगाचार्य) तथा जिला कार्यक्रम संयोजिका श्रीमती वीणा पांडे ने बताया कि यह कार्यक्रम 5 अक्टूबर, महारानी दुर्गावती जयंती से प्रारंभ होकर 23 जनवरी, सुभाष चंद्र बोस जयंती तक चलेगा।उन्होंने बताया कि इस अवधि में महिलाओं की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा लिए गए ‘पंच परिवर्तन’ के संकल्पों को ‘सप्त शक्ति संगम’ के माध्यम से घर-घर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
महिलाओं की भूमिका और अभियान का उद्देश्य
कार्यक्रम की प्रस्तावना रखते हुए श्रीमती वीणा पांडे ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य मातृशक्ति की भूमिका को समाज और परिवार के केंद्र में स्थापित करना है।
डॉ. अमिता पटेल ने कार्ययोजना की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि—
- परिवार, पर्यावरण और समाज के प्रति मातृशक्ति की भारतीय दृष्टि विकसित की जाएगी।
- विद्या भारती संगठन में महिलाओं की सक्रियता को और सशक्त बनाया जाएगा।
- बालक के समग्र विकास में माता की भूमिका को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किया जाएगा।
- महिलाओं में आत्मगौरव, निर्णय क्षमता और सामाजिक नेतृत्व की भावना को प्रोत्साहित किया जाएगा।
इस अवसर पर श्रीमती सरिता आंधवान ने बताया कि ‘सप्त शक्ति संगम’ के तहत जिले के सभी विद्यालयों एवं शाखाओं में नारी जागरण, योग, संस्कार, पर्यावरण, परिवारिक एकता, शिक्षा और सेवा से जुड़े विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि यह अभियान न केवल महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक कदम है, बल्कि भारतीय संस्कृति की जड़ों से जुड़े मूल्य आधारित समाज निर्माण का भी प्रतीक बनेगा।



