सिवनी दर्पण

शंकराचार्य आश्रम — प्राण प्रतिष्ठा की अंतिम तैयारियाँ प्रारंभ

सिवनी जबलपुर दर्पण । सीलादेही स्थित शंकराचार्य आश्रम परिसर में प्रस्तावित द्वारकाधीश मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव की तैयारियों को अंतिम स्वर प्रदान करने के लिए रविवार को एक महत्वपूर्ण मार्गदर्शन बैठक आयोजित की गई। बैठक में पूज्यपाद पंचाग्निपीठ के आचार्य महामण्डलेश्वर श्रीमत् रामकृष्णानंद जी महाराज, द्विपीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद जी महाराज के निज सचिव श्री सुबुद्धानंद जी महाराज, तथा ब्रह्मचारी श्री ब्रह्मविद्यानंद जी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

आश्रम परिसर दिनभर भक्ति-भाव, आध्यात्मिक ऊर्जा और उत्साह से सराबोर रहा। सैकड़ों की संख्या में पधारे भक्तों, गुरुभक्तों, शिष्यों और सेवादारों ने आयोजन की रूपरेखा, व्यवस्थाओं और सेवाओं का जिम्मा उत्साहपूर्वक संभाला।

“सिवनी — ब्रह्मलीन शंकराचार्य स्वरूपानंद जी की जन्मभूमि, यहाँ बढ़ेगी आध्यात्मिक धारा”

अपने आशीर्वचन में आचार्य महामण्डलेश्वर श्रीमत् रामकृष्णानंद जी महाराज ने कहा—
सिवनी वह पुण्यभूमि है जहाँ ब्रह्मलीन जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज ने अवतार लिया। यह भूमि सदैव धर्म, संस्कृति और वेद-परंपरा की ऊर्जा से भरी रही है। महाराजश्री के संकल्पानुसार यहाँ द्वारकाधीश भगवान का मंदिर दिव्य केंद्र के रूप में उभर रहा है। प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव सिवनी की आध्यात्मिक धारा को और प्रखर करेगा।”

उन्होंने बताया कि प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में देश भर से संत-महात्माओं, भक्तों और वैदिक विद्वानों के आने की संभावना है। इसके लिए व्यवस्थाएँ अत्यंत सुनियोजित एवं गरिमामय रूप में की जा रही हैं।

भक्तों की बड़ी संख्या, उत्साह चरम पर

मार्गदर्शन बैठक के दौरान भंडारा व्यवस्था, आवास व्यवस्था, यातायात मार्ग, सुरक्षा, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और वैदिक अनुष्ठानों की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा की गई।
आश्रम परिसर में उमड़ी भीड़ ने माहौल को आध्यात्मिक उत्सव में बदल दिया।

श्री सुबुद्धानंद जी महाराज और ब्रह्मचारी ब्रह्मविद्यानंद जी ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव

दोनों संतों ने आयोजन को सुव्यवस्थित, गरिमामय और शास्त्रोक्त रूप से सम्पन्न कराने हेतु विभिन्न दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि—
“द्वारकाधीश भगवान की प्राण प्रतिष्ठा न केवल आश्रम का गौरव बढ़ाएगी बल्कि सिवनी को धार्मिक पर्यटन और आध्यात्मिक चेतना के नए केंद्र के रूप में स्थापित करेगी।”

जल्द होगी तिथियों की आधिकारिक घोषणा

आयोजन समिति के अनुसार प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव की तिथियों व विस्तृत कार्यक्रम की घोषणा शीघ्र ही की जाएगी।

आश्रम में हुई यह विशेष बैठक आयोजन की भव्यता और सिवनी में बढ़ती आध्यात्मिक सक्रियता का प्रमाण बनी। सिवनी, जो पहले से ही गुरुत्वपूर्ण आध्यात्मिक विरासत का केंद्र है, द्वारकाधीश मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बाद और भी बड़ा धार्मिक आकर्षण बन सकेगा।

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